30 अप्रैल से वेस्टइंडीज में होने वाले तृतीय ट्वेंटी20 वर्ल्ड कप क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए टीम इंडिया की घोषणा शुक्रवार को मुंबई में कर दी गई। घोषित टीम में सिर्फ एक ही नया चेहरा कर्नाटक के तेज गेंदबाज विनय कुमार को शामिल किया गया है। 15 सदस्यीय टीम में चौंकाने वाले चेहरे के रूप में दाएं हाथ के लेग स्पिनर पीयूष चावला को स्थान मिला है जबकि इशांत शर्मा, विराट कोहली, रॉबिन उथप्पा, इरफान पठान, एस.श्रीसंथ टीम का हिस्सा नहीं बन सके। अपने चयन पर जहां पीयूष चावला ने आश्चर्य व्यक्त किया है वहीं विनय कुमार ने खुशी जाहिर की है।
यदि चावला के चकित होने की बात करें तो उनके इस कथन से ही चयनकर्ताओं की पोल खुल जाती है। जब चावला यह कह सकते हैं कि उन्हें चयन की उम्मीद नहीं थी तो इसका मतलब है कि उन्हें पिछले एक साल में किए गए अपने औसत प्रदर्शन का एहसास था। इसके विपरीत अमित मिश्रा इन दिनों अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी टीम से बाहर हो गए। वैसे तो चयनकर्ताओं की कोशिश उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ टीम चयन की होती होगी लेकिन वे बीच-बीच में गुगली डाल ही देते हैं। रोहित शर्मा को ही लीजिए। माना कि मध्यक्रम में वे उपयोगी साबित हो सकते हैं लेकिन यूसुफ पठान व रवींद्र जडेजा के रहते क्या रोहित की आवश्यकता थी। यदि तीसरे फिनिशर के रूप में किसी को लेना ही था तो रोहित से बेहतर क्या विराट कोहली नहीं हो सकते थे।
वर्तमान आईपीएल में भी रोहित दो ही मैचों में ठीक-ठाक प्रदर्शन कर सके हैं जबकि कोहिली बैटिंग के अलावा फील्डिंग में भी चमक बिखेर रहे हैं। प्रतिभा के लिहाज से दोनों में ज्यादा अंतर नहीं है, दोनों की ही स्किल जबर्दस्त है फिर भी कोहली ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते थे। कोहली में जिवटता है तथा उनमें मैच विजेता प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित हो रही है। कोहली को युवराज के बैकअप के रूप में अवसर दिया जा सकता था। टीम में रवींद्र जडेजा का चयन इस मायने में चौकाने वाला है कि जडेजा आईपीएल से बाहर हैं लेकिन वे उपयोगी बल्लेबाज व तीसरे स्पिनर के रूप में काम आ सकते हैं।
चयन पर एक नजर :
सात विशेषज्ञ बल्लेबाज हैं टीम में : घोषित टीम में गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, रोहित शर्मा, सुरेश रैना व दिनेश कार्तिक विशेषज्ञ बल्लेबाज हैं। इनमें से सहवाग व गंभीर के बैक अप के रूप में मनीष पांडे (बेंगलुरु) का चयन होता तो बेहतर होता। पांडे भी साल भर से घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बीते आईपीएल-2009 में शतक भी लगाया था। ऐसे में पांडे का चयन होना ही चाहिए था। टीम में दिनेश कार्तिक को धोनी के बैकअप के रूप में शामिल किया गया है। कार्तिक से बेहतर विकल्प नहीं हो सकता था।
दो हैं ऑलराउंडर : टीम में ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा व यूसुफ पठान को लिया गया है। दोनों ही लंबे-लंबे शॉट मारने में माहिर हैं। पठान का वर्तमान फॉर्म जबर्दस्त हैं। आईपीएल-3 में पठान एक दर्जन से ज्यादा छक्के लगा चुके हैं। पठान व जडेजा उपयोगी स्पिनर भी हैं।
तेज गेंदबाजी बड़ी कमजोरी : टीम में चार तेज गेंदबाज जहीर खान, आशीष नेहरा, प्रवीण कुमार व विनय कुमार शामिल हैं। इनमें से 30 प्लस के जहीर व नेहरा चोटों के लिए जाने जाते हैं। यदि ये चोटग्रस्त हुए तो टीम में मैच विजेता तेज गेंदबाज एक भी नहीं होगा। विनय बिल्कुल नए व अनुभवहीन हैं जबकि प्रवीण कुमार स्लॉग ओवरों में ढेरों रन जाया करते हैं। हां, प्रवीण भी जहीर खान के समान टीम के लिए कुछ बोनस रन अवश्य जुटा सकते हैं। टीम में इशांत शर्मा का चयन न होना चौंकाने वाला है।इनके अलावा एस.श्रीसंथ, मुनाफ पटेल, आरपी सिंह व सुदीप त्यागी को स्थान नहीं मिल सका है।
दो हैं स्पिनर : टीम में विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में हरभजन सिंह व पीयूष चावला का चयन किया गया है। हरभजन सिंह की चयन तो समझमें आता है लेकिन पीयूष चावला की जगह अमित मिश्रा या बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में प्रज्ञान ओझा को लिया जाता तो आक्रमण में विविधता हो सकती थी।
इरफान क्यों नहीं : ऑलराउंडर इरफान पठान भले ही यह कहें कि उनकी गेंदबाजी ढंग से नहीं हो रही है इसलिए उनका चयन न होना सही निर्णय है लेकिन वे अतिरिक्त तेज गेंदबाज के रूप में जगह पा सकते थे। यह और बात है कि उनका नाम संभावित 30 खिलाड़ियों में शामिल नहीं था। इरफान आवश्यकता पड़ने पर ओपनर के रूप में काम आ सकते थे। खैर, उम्मीद की जानी चाहिए कि अब तक के सफल कप्तान धोनी के नेतृत्व में भारतीय टीम दूसरी बार टी 20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने में कामयाब रहेगी।
यदि चावला के चकित होने की बात करें तो उनके इस कथन से ही चयनकर्ताओं की पोल खुल जाती है। जब चावला यह कह सकते हैं कि उन्हें चयन की उम्मीद नहीं थी तो इसका मतलब है कि उन्हें पिछले एक साल में किए गए अपने औसत प्रदर्शन का एहसास था। इसके विपरीत अमित मिश्रा इन दिनों अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी टीम से बाहर हो गए। वैसे तो चयनकर्ताओं की कोशिश उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ टीम चयन की होती होगी लेकिन वे बीच-बीच में गुगली डाल ही देते हैं। रोहित शर्मा को ही लीजिए। माना कि मध्यक्रम में वे उपयोगी साबित हो सकते हैं लेकिन यूसुफ पठान व रवींद्र जडेजा के रहते क्या रोहित की आवश्यकता थी। यदि तीसरे फिनिशर के रूप में किसी को लेना ही था तो रोहित से बेहतर क्या विराट कोहली नहीं हो सकते थे।
वर्तमान आईपीएल में भी रोहित दो ही मैचों में ठीक-ठाक प्रदर्शन कर सके हैं जबकि कोहिली बैटिंग के अलावा फील्डिंग में भी चमक बिखेर रहे हैं। प्रतिभा के लिहाज से दोनों में ज्यादा अंतर नहीं है, दोनों की ही स्किल जबर्दस्त है फिर भी कोहली ज्यादा उपयोगी साबित हो सकते थे। कोहली में जिवटता है तथा उनमें मैच विजेता प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित हो रही है। कोहली को युवराज के बैकअप के रूप में अवसर दिया जा सकता था। टीम में रवींद्र जडेजा का चयन इस मायने में चौकाने वाला है कि जडेजा आईपीएल से बाहर हैं लेकिन वे उपयोगी बल्लेबाज व तीसरे स्पिनर के रूप में काम आ सकते हैं।
चयन पर एक नजर :
सात विशेषज्ञ बल्लेबाज हैं टीम में : घोषित टीम में गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, महेंद्र सिंह धोनी, युवराज सिंह, रोहित शर्मा, सुरेश रैना व दिनेश कार्तिक विशेषज्ञ बल्लेबाज हैं। इनमें से सहवाग व गंभीर के बैक अप के रूप में मनीष पांडे (बेंगलुरु) का चयन होता तो बेहतर होता। पांडे भी साल भर से घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बीते आईपीएल-2009 में शतक भी लगाया था। ऐसे में पांडे का चयन होना ही चाहिए था। टीम में दिनेश कार्तिक को धोनी के बैकअप के रूप में शामिल किया गया है। कार्तिक से बेहतर विकल्प नहीं हो सकता था।
दो हैं ऑलराउंडर : टीम में ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा व यूसुफ पठान को लिया गया है। दोनों ही लंबे-लंबे शॉट मारने में माहिर हैं। पठान का वर्तमान फॉर्म जबर्दस्त हैं। आईपीएल-3 में पठान एक दर्जन से ज्यादा छक्के लगा चुके हैं। पठान व जडेजा उपयोगी स्पिनर भी हैं।
तेज गेंदबाजी बड़ी कमजोरी : टीम में चार तेज गेंदबाज जहीर खान, आशीष नेहरा, प्रवीण कुमार व विनय कुमार शामिल हैं। इनमें से 30 प्लस के जहीर व नेहरा चोटों के लिए जाने जाते हैं। यदि ये चोटग्रस्त हुए तो टीम में मैच विजेता तेज गेंदबाज एक भी नहीं होगा। विनय बिल्कुल नए व अनुभवहीन हैं जबकि प्रवीण कुमार स्लॉग ओवरों में ढेरों रन जाया करते हैं। हां, प्रवीण भी जहीर खान के समान टीम के लिए कुछ बोनस रन अवश्य जुटा सकते हैं। टीम में इशांत शर्मा का चयन न होना चौंकाने वाला है।इनके अलावा एस.श्रीसंथ, मुनाफ पटेल, आरपी सिंह व सुदीप त्यागी को स्थान नहीं मिल सका है।
दो हैं स्पिनर : टीम में विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में हरभजन सिंह व पीयूष चावला का चयन किया गया है। हरभजन सिंह की चयन तो समझमें आता है लेकिन पीयूष चावला की जगह अमित मिश्रा या बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में प्रज्ञान ओझा को लिया जाता तो आक्रमण में विविधता हो सकती थी।
इरफान क्यों नहीं : ऑलराउंडर इरफान पठान भले ही यह कहें कि उनकी गेंदबाजी ढंग से नहीं हो रही है इसलिए उनका चयन न होना सही निर्णय है लेकिन वे अतिरिक्त तेज गेंदबाज के रूप में जगह पा सकते थे। यह और बात है कि उनका नाम संभावित 30 खिलाड़ियों में शामिल नहीं था। इरफान आवश्यकता पड़ने पर ओपनर के रूप में काम आ सकते थे। खैर, उम्मीद की जानी चाहिए कि अब तक के सफल कप्तान धोनी के नेतृत्व में भारतीय टीम दूसरी बार टी 20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने में कामयाब रहेगी।




