तेज गेंदबाजी की दुखती रग

Publicado  शुक्रवार, मार्च 05, 2010

प्रशांत रायचौधरी
भारत की तेज गेंदबाजी के भविष्य को लेकर इन दिनों काफी कुछ कहा जा रहा है। देश में कई उभरते युवा तेज गेंदबाज कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं। पिछले दिनों अशोक डिंडा, अभिमन्यु मिथुन व सुदीप त्यागी को आजमाया गया लेकिन वे प्रभावित नहीं कर सके। और तो और अधिक अवसर मिलने के बाद भी एस.श्रीसंथ, इशांत शर्मा, आरपी सिंह, प्रवीण कुमार व मुनाफ पटेल चमक खोते से नजर आ रहे हैं। इनमें से इशांत शर्मा का लय खोना चिंता की बात है। इशांत टीम इंडिया के वर्तमान व मिथुन भविष्य माने जाते हैं। आखिर इनमें क्या कमी रह गई है। एक ओर तो तीस साल की उम्र से ज्यादा के जहीर खान व आशीष नेहरा बार-बार चोटग्रस्त होने के बाद भी धमाकेदार वापसी करते रहे हैं तो दूसरी ओर युवाओं की नई पौध फिस़ड्डी साबित हो रही है।

आखिर क्या कमी है : देखा जाए तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड खिलाड़ियों के कोचिंग सुनियोजित ढंग से देता है। पहले नेशनल क्रिकेट अकादमी और फिर एमआरएफ पेस फाउंडेशन के माध्यम से इन्हें संवारा जाता है। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें विशेष प्रशिक्षण के लिए ऑस्ट्रेलिया भी भेजा जाता है। विभिन्न राज्यों की रणजी टीमें भी अपने गेंदबाजों को प्रशिक्षित करने मे पीछे नहीं रहती है। ऐसे में ये खिलाड़ी मारक क्षमता क्यों विकसित नहीं कर पाते हैं यह सोचने की बात है। अगले साल भारतीय धरती पर ही वर्ल्ड कप है और यदि हमारे पास ढंग के तेज गेंदबाज नहीं होंगे तो हम सिर्फ बल्लेबाजों के सहारे कितनी जीत हासिल कर सकेंगे। आइए हम आंकलन करें कि किन गेंदबाजों में कितनी क्षमता है -

जहीर खान : रिवर्स स् िवंग में माहिर : 32 वर्षीय जहीर खान ने भले ही हाल ही में बांग्लादेश में बढ़िया प्रदर्शन किया हो लेकिन उनका अंतरराष्ट्रीय कैरियर ज्यादा नहीं बचा है। उन्होंने बार-बार चोट लगने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेटों में कुल 488 विकेट लिए हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर की यह विशेषता है कि वे गेंद को आउट स्विंग व इन स्विंग कराने में माहिर हैं। इसके अलावा वे रिवर्स स्विंग में भी काफी खतरनाक माने जाते हैं। कुल मिलाकर वे एक पूर्ण तेज गेंदबाज हैं। जहीर के क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले यदि उनकी तरकीबों से युवा गेंदबाज वाकिफ हो जाए तो यह टीम इंडिया के ही काम आएगा।

आशीष नेहरा : खत्म होने को है चमक : बाएं हाथ के तेज गेंदबाज 31 वर्षीय आशीष नेहरा का कैरियर टिमटिमाने लगा है। वे टीम से अंदर व बाहर होते रहते हैं। वे जब टॉप फॉर्म में थे तब चोटग्रस्त होकर पांच साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे फिर भी उन्होंने टेस्ट में 44 व वनडे में 130 विकेट चटकाए। आशीष नेहरा की विशेषता है कि वे बढ़िया लाइन व लेंग्थ के साथ गेंदबाजी कराते हैं तथा लेट इन स्विंगर डालने में माहिर हैं। साथ ही वे ऑफ स्टंप के बाहर गेंद को मूव कराने में माहिर हैं। ढेर सारी विशेषताओं के बाद भी उनकी खूबियां नए गेंदबाज आत्मसात नहीं कर सके हैं।

इशांत शर्मा : वापस मिल सकती है लय : क्रिकेट के तीनों फॉर्मेटों में 128 विकेट ले चुके 21 वर्षीय व छह फुट चार इंच लंबे कदकाठी के नई दिल्ली के इस युवा गेंदबाज ने अपने हाई आर्म एक्शन व 140 किमी प्रति घंटे की रप्तार से गेंदबाजी कर सबका दिल जीता था। उन्होंने दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया की धरती पर शानदार प्रदर्शन किया था। जब उन पर ज्यादा भरोसा किया जाने लगा और उनकी तुलना जवागल श्रीनाथ जैसे धुरंधर से की जाने लगी तब वे एकाएक रंगहीन हो गए। वैसे महान स्टीव वॉ ने कहा है कि इशांत गेंद को दोनों ओर से मूव कराने में और ज्यादा माहिर होने के बाद शानदार वापसी कर सकते हैं।

आरपी सिंह : कहाँ खो गए : उत्तरप्रदेश के 25 वर्षीय बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज से जितनी उम्मीद की गई थी वह अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। टेस्ट क्रिकेट में 40, वनडे में 65 व टी20 में 15 विकेट ले चुके आरपी सबसे पहले अंडर 19 वर्ल्ड कप में चमके। उसके बाद सीनियर भारतीय टीम की ओर से उन्होंने पहले टी20 वर्ल्ड कप में और आईपीएल में बढ़िया प्रदर्शन किया लेकिन टेस्ट व वनडे में वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। शायद इसकी वजह उनकी चोट रही हो लेकिन चोट तो जहीर व नेहरा को कई बार लग चुकी है। कप्तान धोनी के गहरे दोस्त होने के बाद भी आरपी अभी तक वापसी नहीं कर सके हैं। पहले वे स्लॉग ओवरों में बढ़िया प्रदर्शन करते थे लेकिन बाद में उनकी जमकर धुनाई होने लगी। वैसे यदि उन्होंने अपनी गलती सुधार ली तो जल्दी ही वापसी कर सकते हैं।

मुनाफ पटेल : कभी धूप कभी छांव : 25 साल के भरुच एक्सप्रेस कई अवसरों पर मैच विजेता प्रदर्शन करते रहे हैं तथा टेस्ट व वन-डे में कुल 81 विकेट ले चुके हैं। बावजूद इसके उनके प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव है। यह आश्चर्य की बात है जिस गेंदबाज को सचिन वडोदरा से मुंबई ले गए उसी गेंदबाज को गावसकर टेस्ट के लायक नहीं मानते हैं। हांलाकि गावसकर ने उनकी खराब फील्डिंग के कारण यह बात कही है। जहां तक गेंदबाजी का सवाल है तो वे एक समय में भारत के सबसे तेज गेंदबाज माने जाते थे। एमआरएफ पेस फाउंडेशन में डेनिस लिली व टीए शेखर ने उन्हें गेंदबाजी की तालिम दी। मुनाफ यदि अपनी कमजोरियों पर जीत हासिल कर लें तो वे प्रासंगिक हो सकते हैं क्योंकि अभी भी उनकी उम्र बहुत ज्यादा नहीं है।

एस. श्रीसंथ : गंभीरता की कमी : किसी समय केरल एक्सप्रेस एस. श्रीसंथ की आक्रामकता को देखकर काफी उम्मीदें बधीं थी लेकिन उनमें गंभीरता का अभाव है। पहले विवादों में उलझे तथा बाद में हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण क्रिकेट से दूर रहे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेटों में कुल 135 विकेट ले चुके 27 वर्षीय श्रीसंथ साइड ऑन एक्शन व पेस में तेजी लाकर अब ज्यादा मारक लगते हैं लेकिन उन्हें आशातित सफलता नहीं मिल पा रही है।

प्रवीण कुमार में प्रवीणता की कमी : 22 वर्षीय प्रवीण वैसे तो काफी मेहनती हैं लेकिन उनकी गेंद में तेजी की कमी है। वे आउट स्विंग व इन स्विंग कराने में माहिर हैं लेकिन अभी तक टेस्ट खेलने का उन्हें मौका नहीं मिला। दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया में सीबी सीरीज के फाइनल में मैच विजेता प्रदर्शन करने के बाद से वे कोई कमाल नहीं कर सके हैं।

मिथुन-त्यागी व डिंडा पर निगाहें : अंतरराष्ट्रीय तेज गेंदबाजी में नए ये तीनों गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन (कर्नाटक), सुदीप त्यागी (उप्र) व अशोक डिंडा (बंगाल) अभी अनुभव प्राप्त करने के दौर से गुजर रहे हैं। अशोक डिंडा को बांग्लादेश दौरे में और मिथुन व त्यागी को द.अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद वनडे मैेच में आजमाया गया था लेकिन ये तीनों प्रभावित नहीं कर सके। बीसीसीआई को चाहिए कि इन तीनों को विशेष प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करें क्योंकि एमआर पेस फाउंडेशन भी अपनी चमक खोता जा रहा है।

3 टिप्पणियाँ:

Unknown ने कहा…

NISHITH SAID
aapne jitni gahrai se india bollers ki samikha ki hai use bcci ko ganbhirta se lena chahiye. aapne bilkul sahi bat cricket aur uske bhavishya ke bare main kahi hai.

NISHITH MORE

Unknown ने कहा…

ANUJA SANGHIVI>>>

prashant ji aapka kahna ekdum sahi hai ki yadi abhi se india bowling per dhyan nahin diya gaya to next year world cup main hum kahan honge yeh samajh sakte hain.agli bar aap bating per apne views dijeye.

ANUJA

Parveen Kr Dogra ने कहा…

bahut achha likha hai sir.. very insightfl post..thanks.
http://khel-khelmein.blogspot.com/