
प्रशांत रायचौधरी
गाजियाबाद जैसे छोटे शहर के सुरेश रैना बड़े खिलाड़ी बन चुके हैैं। उन्होंने पिछले दिनों आईपीएल-3 में और वेस्टइंडीज द्वीप समूह में जारी टी20 वल्र्ड कप क्रिकेट प्रतियोगिता में शानदार शतक जड़कर क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षिक किया है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने उन्हें विश्व के सर्वश्रेष्ठ युवा बल्लेबाज की संज्ञा दी है। बाएं हाथ के इस 23 वर्षीय बल्लेबाज ने तारीफों का जवाब यह कह कर दिया कि चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते समय स्टीफन फ्लेमिंग, महेंद्र सिंह धोनी और मैथ्यू हेडन ने जो मार्गदर्शन दिया उसीका यह परिणाम है। तात्पर्य यह है कि रैना अपने वरिष्ठों के सुझावों को गंभीरता से लेते हैैं और क्रिकेट की दुनिया में लंबे रेस का खिलाड़ी बनना चाहते हैैं। रैना की बल्लेबाजी में युवराज सिंह की झलक लगती है। यह और बात है कि वे इन दिनों युवी से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैैं। टी20 वल्र्ड कप में उन्होंने खिताब की दावेदार टीमों में से एक दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले 50 रन 42 गेंदों (4 चौके,1छक्का) पर बनाए लेकिन अगले 51 रन उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में 5 चौकों व 4 छक्कों के सहारे जुटा लिए। उनकी आक्रमकता का इससे बढिय़ा उदाहरण क्या हो सकता है। रैना ने ए.मोर्केल की गेंद पर छक्का मार कर अपना शतक पूरा करने का साहस दिखाया। यह खुशी की बात है कि उन्होंने जब शतक लगाया तब उनके आदर्श महेंद्र सिंह धोनी दूसरी छोर पर थे। रैना जिस तरह से खेल रहे हैैं उससे यह लगता है कि भारत को तीसरे क्रम का खिलाड़ी मिल गया है। रैना वनडे व टी20 में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैैं लेकिन उन्हें अभी टेस्ट में स्वयं को स्थापित करना है। वसीम अकरम का कहना है कि जब तक रैना टेस्ट में कमाल नहीं करते हैैं तब तक सौरव गांगुली से उनकी तुलना नहीं करना चाहिए।
ऐसे बढ़ा रैना का कारवां : एक प्रोफेशनल क्रिकेटर बनने के लिए रैना ने 1999 में शासकीय स्पोट्र्स कॉलेज लखनऊ में दाखिला लिया। वे जल्दी ही चयनकर्ताओं के निगाह में आ गए और जब सिर्फ साढ़े 15 साल के थे तभी अंडर-19 की भारतीय टीम में शामिल कर लिए गए। 2004 के अंडर-19 वल्र्ड कप में रैना ने तीन अर्धशतक लगाए जिसमें 38 गेंदों में बनाए 90 रन शामिल है।
बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी छात्रवृत्ति के लिए चयन : रैना का चयन बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी छात्रवृत्ति के लिए भी हुआ था। बीसीसीआई ने उन्हें छात्रवृत्ति के तहत ऑस्ट्रलिया विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा। वहां से वापस आने के बाद रैना ने उत्तर प्रदेश रणजी ट्रॉफी टीम के लिए एक ही सत्र में 6 मैचों में 620 रन बनाए। इतना ही नहीं रैना के शानदार प्रदर्शन के कारण उत्तर प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी जीतने का श्रेय पाया।
पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक (101 रन) 2008 में : रैना ने पहला अंतर्राष्ट्रीय शतक 23 जून 2008 को एशिया कप में हांगकांग के खिलाफ लगाया।इसके बाद के मैच में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 84 व बांग्लादेश के खिलाफ 116 नाबाद रन बनाए। तीनों ही अवसरों पर उन्हें मैन ऑफ द मैच का अवार्ड मिला। इस टूर्नामेंट से पहले एक अवसर ऐसा भी आया था जब खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें साल भर तक टीम इंडिया से बाहर होना पड़ा था। बाद में घरु क्रिकेट में बढिय़ा खेल कर उन्होंने वापसी की।
तीसरा शतक डेढ़ साल बाद : रैना को वनडे का तीसरा शतक लगाने में डेढ़ साल का समय लग गया। तीसरा शतक उन्होंने ढाका में आयोजित ट्राई नेशंस स्पर्धा में श्रीलंका के खिलाफ (106 रन) 13 जनवरी 2010 में लगाया। दूसरे शतक व तीसरे शतक के बीच डेढ़ साल का अंतर रहा। इस बीच रैना तीस से ज्यादा वनडे खेले लेकिन सफलता नहीं मिली।
भविष्य है उज्जवल : रैना के बारे में महान कपिलदेव का कहना है कि उनका भविष्य उज्ज्वल है लेकिन उन्हें अभी से आसमां पर नहीं चढ़ाना चाहिए। कपिल उनमें भविष्य का कप्तान भी देखते हैं।
फील्डिंग है लाजवाब : रैना सीधे थ्रो से रनआउट करने में माहिर हैं। साथ ही वे एक चतुर फील्डर भी हैं। उनकी फुर्ती युवराज या मोहम्मद कैफ से कम नहीं है।
बल्लेबाजी की खूबी : रैना कवर ड्राइव लगाने में माहिर है लेकिन वे मिडविकेट क्षेत्र में गेंद को फ्लिक करने में भी उतने ही पारंगत हैं। उनका फुटवर्क काफी अच्छा है जिससे वे स्पिनरों की जमकर धुनाई करते हैं। तेज गेंदबाजों को भी आगे बढ़कर धुनाई करने में माहिर हैं। इसके अलावा रैना फाइन लेग पर स्कूप शॉट खेलने में भी माहिर हैं।
आवश्यकता है मानसिक दृढ़ता कायम रखने की: रैना को यदि लंबे समय तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बने रहना है तो उन्हें सचिन व द्रविड़ जैसी एकाग्रता विकसित करनी होगी। यदि वे युवराज सिंह जैसी जीवनशैली अपनाएंगे तो कांबली या मोहम्मद कैफ बनने में उन्हें देर नहीं लगेगी। गनीमत है कि आईपीएल के दौरान चेन्नई सुपर किंज्स के कप्तान धोनी से काफी कुछ सीखने को मिला जो कि टीम इंडिया में उन्हें स्थाई जगह बनाने में लाभदाई साबित होगा।
वनडे मैचों में प्रदर्शन
मैच-पारी-कुल रन--सर्वश्रेष्ठ- कुल शतक -अर्धशतक
90-73-2214-116*-3-15
प्रथम श्रेणी के मैचों में प्रदर्शन
मैच-पारी-कुल रन--सर्वश्रेष्ठ- कुल शतक -अर्धशतक
51-86-3684-203-6-25
टी20 अंतर्राष्ट्रीय में प्रदर्शन
मैच-पारी-कुल रन--सर्वश्रेष्ठ- कुल शतक -अर्धशतक
13-12-268-101-1-1
आईपीएल में प्रदर्शन
मैच-पारी-कुल रन--सर्वश्रेष्ठ- कुल शतक -अर्धशतक
30-28-855-98-0-5
दिलों में बसने लगे हैं सुरेश रैना
Publicado गुरुवार, मई 06, 2010
प्रस्तुतकर्ता
प्रशांत रायचौधरी
पर
गुरुवार, मई 06, 2010
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2 टिप्पणियाँ:
आपने इस पोस्ट पर काफी मेहनत की है। बढिया जानकारी के लिये धन्यवाद
बढ़िया हैं
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